यकृत स्वस्थ तो मनुष्य स्वस्थ

यकृत स्वस्थ तो मनुष्य स्वस्थ

यकृत स्वस्थ तो मनुष्य स्वस्थ

जीवन मे निर्वाह के लिए पैसे उपार्जन करना ज़रूरी है और आज के भौतिक युग मे ज्यादा संसाधन ओर अनावश्यक खर्चे के पूर्ति के लिए मनुष्य को जी तोड़ मेहनत करनी पड़ती है। जीवन के भागदौड़ भरी जिंदगी में अनियमित आहार फटाफट तैयार होने वाला फ़ास्ट फ़ूड जंक फूड खाने के कारण धीरे धीरे यकृत पर अत्यधिक दबाब पड़ता है फलस्वरूप भोजन पचाने में तकलीफ होती है।
यकृत के सुचारू रूप से काम न करने के कारण मल का सुखना गंदी गैस निकलना भूख कम लगना भोजन देर से हजम होना पेट भारी रहना पीलिया या यकृत संभंधित भयानक रोगों का जन्म होता है।
यकृत हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है ।यकृत से एंजाइम का रिसाव होता है जो भोजन को हजम करने का काम करते है।
सबसे भयानक ओर आम रोगों में कब्ज व अपचन की समस्या सबसे ज्यादा है।
हमारी सलाह है कि इस तरह के लोगो को यकृत की दवाई बराबर लेनी चाहिए ताकि भविष्य में जटिल रोगों से बचे।

आप बाजार से नीचे लिखी जड़ी बूटियां किसी पंसारी की दुकान से ले आये और सब को सुखाकर महीन पीस कर छान कर पोन चमच 1 कप पानी मे भिगोकर एक घंटा छोड़ दे फिर पी जाएं।
घटक: भृंगराज,भूमि आंवला,तुलसी पत्र,कासनी,हरड़,पुनर्नवा मूल,गिलोय,आंवला,रेवत चीनी,वायविडंग,सरपुखामूल,पित्तपापड़ा,तालीस पत्र, चित्रक छाल, करचुर,निसोथ,मुलेठी,रोहिड़ा छाल, मकोय,कसौंदी,अर्जुन छाल
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