यकृत स्वस्थ तो मनुष्य स्वस्थ
 

यकृत स्वस्थ तो मनुष्य स्वस्थ

जीवन मे निर्वाह के लिए पैसे उपार्जन करना ज़रूरी है और आज के भौतिक युग मे ज्यादा संसाधन ओर अनावश्यक खर्चे के पूर्ति के लिए मनुष्य को जी तोड़ मेहनत करनी पड़ती है। जीवन के भागदौड़ भरी जिंदगी में अनियमित आहार फटाफट तैयार होने वाला फ़ास्ट फ़ूड जंक फूड खाने के कारण धीरे धीरे यकृत पर अत्यधिक दबाब पड़ता है फलस्वरूप भोजन पचाने में तकलीफ होती है।


Precaution is better to away from the corona
 

Precaution is better to away from the corona

You all know that there is an outbreak of the Coronavirus in the country. And the speed of its spread is very fast. And this virus has caught millions of men. Yet no country has a cure for it; rescue is a cure.


सफेद पानी का रिसाव या स्वेत प्रदर ओर रक्त  प्रदर पूर्णतया  ठीक होने वाले रोग है
 

सफेद पानी का रिसाव या स्वेत प्रदर ओर रक्त प्रदर पूर्णतया ठीक होने वाले रोग है

भारत  वर्ष के 19 वें दशक से 20 वें दशक  तक स भी के घरों में आटा मसाला घट्टी में पिसाई होती थी   किसी भी प्रकार को चटनी बनाने के लिए  सिल बट्टे. का इस्तेमाल करते थे और आश्चर्य की बात है उस समय ऐसी बीमारिया नही थी    आज कल हम भैतिक युग मे जी रहे है जहाँ एक ओर आटा मसिनी चक्की से पिसते है और चटनी मिक्सी में बना लेते है शरीरिक श्रम पहले की अपेक्षा न के बराबर घरेलू ओरतें करती है फलस्वरूप उनको ये बीमारी सबसे ज्यादा अनुपात में होती है 


कोरोना से बचाव ही उपचार हे
 

कोरोना से बचाव ही उपचार हे

आप  सभी  जानते  है  कि  अभी  देश  विदेश  में  कोरोना  वायरस का प्रकोप हे और इसके फैलने की गति बहुत ही तेज़ हे और इस वायरस ने लाखों आदमियों को अपनी चपेट में ले लिया हे।   अभी तक किसी देश के पास इसका इलाज नहीं हे बचाव ही इलाज हे।


दमा एवं श्वास रोगों का उपचार
 

दमा एवं श्वास रोगों का उपचार

हम भौतिक युग मे जी रहे है जहां शहरों में फैक्ट्रीयो का धुआं ओर गाड़िया तथा मोटरसाइकिल का धुआं हवा को प्रदूषित कर रहा है। ये हमारे फेफड़े के रोगों का मुख्य कारण है। फेफड़े के कमजोर होने से मनुष्य को श्वास की तकलीफ ओर दमे जैसी बीमारियों से जूझना पड़ता है


कैंसर लाइलाज नहीं
 

कैंसर लाइलाज नहीं

वर्तमान में कैंसर नामक बीमारी बहुत ज्यादा फैल रही है और ये किसी भी उम्र, लिंग, जाति के व्यक्ति को हो रही है। इस का प्रसार इतनी तेजी से फैल रहा है कि आधुनिक विज्ञान की सारी अस्पताले इस रोग के रोगियों से भरी रहती है। ये क्यों होती है इस के बारे में शोधकर्ताओ की विभिन्न राय है