Mrs. Ratna Prabha Das-73 Years-LIVER Cancer………

Disease:- BULKY HEAD AND UNCINATE PROCESS OF PANCREAS WITH 2.8 X 2.7 cms. ILL DEFINED MINIMALLY ENHANCING SPACE OCCUPYING LESION IN UNCINATE PROCESS.

MULTIPLE SMALL NON ENHANCING SPACE OCCUPYING LESIONS IN RIGHT LOBE OF LIVER (SEGMENT – 8TH, 5TH,6TH,7TH).

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Mr.Bihari lal poddar-Toungue Ulcer-Malignant Tumor

Name:- Bihari Lal Poddar     Age:- 64 Years           Add:- Delhi

Disease Description:-

Treatment Given:-

1. Dr. Thanki’s Tumcan Capsules :- 4 cap x 3 times a day= 12 cap daily

2. Kachnar Guggul :- 4 tab x 3 times a day= 12 tab daily

3. Strictly Follow Diet Chart.

Patient Review

               My name is Bihari Lal Poddar residing at Delhi, I am a patient of mouth ulcer I am giving details of my history as follows…

               I was addicted of Pan Parag & Tobacco/Zarda for last 35 years. In year of 1997 I dropped this practice on religious oath and till this date not touched the same. It has created problems like mouth opening becomes less due to fibrosis developed in the mouth and it starts creating problem in eating of my regular food. In 2009 one of my business related friend advised me to contact Dr. of Vishla agro tech pvt ltd, Bikaner for treatment of fibrosis I came in contact with them. He gave me two types of powder to be applied regularly in the mouth by finger on teeth twice a day. I found the effect of powder which increases the opening of mouth, so that I could eat properly, but mouth opening could not come to normal, as before fibrosis.

               In the year of 2013, I found a spot of big ulcer on the right side of my tongue. Earlier it was thought that it is a cut on the tongue due to sharpness of teeth and applied many types of ointment. but it did not recover. In the month of October 2013 I talked to the dr. of vishla agro tech pvt. Ltd. again and explained him verbally, he advised to chew 1 tablet twice a day of tab stemin for a week. I do as per his advice but did not get any response. So I again called him, he asked me to come down to his palace. I went to bikaner in the last week of October 2013, where he checked my tongue and advised to have some blood test and after i seeing all reports he advised me to take dr. thanki’s tumcan capsule 4 capsules thrice a day. According to my body weight he added one kachnaar  guggul 12 tablets a day divided in 3 part. He advised me to take for 30 days. In the beginning of that the Dr explained me that Dr Thanki’s Tumcan capsules are highly emetic so I must take any tablet before taking this medicine so as per suggestion, I have taken tab ondencentron(ondec) 8mg before each time of in taking Dr Thanki’s Tumcan capsules.

               My experience during the tenure of Tumcane. On early days I was irritated due to loose motion, some time constipation, but as I have to get rid of this disease, so I did not discontinued and started yellow tablet of homeopath for constipation but this was not very effective. So I have to drop it. Secondly taking 12 caps of Tumcane in a day created high pressure on the mind and feeling was very much uncomfortable. It always reminds that I am taking over dosage and feeling of eating (lunch & dinner) reduces much. After taking 8 nos. of Tumcane, my feeling of burning as food lives, blocking on Throats etc. is much which prevents for another dose to be taken. After 20 days, I was settled or habituated of such type of irritation. After 30 days. I found certain relief in the pain of ulcer it was 80% dissolved. A gap of 15 days was maintained without medicines. The same medicine was repeated for 1 month and I feel relief of 90% from the pain, but still I cannot eat spicy. I also do not find any much progress in fibrosis. I continue myself without any medicines for last 40 days.

                In early 2013 the pain in the knee started and it was diagnosed as Osteoarthritis. There was big pain in movement, which is also reduced may be by effect of Dr thanki’s tum-can capsule.

               Now I again found some type of small ulcer in tongue so I again contacted them and they advised for some check up of routine blood parameter, which I have done, and the report send to them by mail. This time they advice me for repeat the same dosages for another 45 days. This is report up to 15 of March 2014.

               Again as per Dr of vishla agro tech pvt ltd I again started for 45 days dr thanki’s tum can capsule along with tab zyloric 300 mg per day.

               On 7th July I again go for test and found normal in all parameters but I was having a mild sensational drop on my tongue.

Review In Hindi

               मेरा नाम बिहारी लाल पोद्दार है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. मैं एक मुंह के कैंसर का रोगी हूँ और मैं अपनी सारी कहानी नीचे लिख रहा हूँ जो की इस तरह है:-

               मुझे पिछले 35 सालो से पान पराग व् तम्बाकू खाने के लत थी. सन 1997 में मैंने कुछ धार्मिक कारणों की वजह से ये बुरी लत छोड़ दी और आज तक इन चीजो को छुआ तक नहीं क्यूंकि इन चीजों को खाने की वजह से मेरा मुंह पूरी तरह से खुलना बंद हो गया था और मुझे रोज का खाना खाने में भी परेशानी होती थी अर्थात मैं निवाले को लेने हेतु अपना मुंह पूरी तरह से खोल नही पाता था.

               सन 2009 में मेरे एक दोस्त ने मुझे बीकानेर की एक कंपनी जिसका नाम “विशला एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड” है, के डॉक्टर से इस बीमारी के इलाज हेतु मिलने को कहा. अतः: मैं बीकानेर गया और वहां के डॉक्टर से मिला. उन्होंने मुझे दो तरह के पाउडर दिए और 1 महीने तक लगातार दिन में एक बार ऊँगली पर इस पाउडर को लगाके दांतों व् जीभ पर रगड़ने को कहा और 1 महीने बाद मुझे लगा की मेरा मुंह पहले से ज्यादा खुलने लगा था जिसकी वजह से मैं अच्छी तरह खाना खाने लगा था परन्तु मेरा मुंह उतना नही खुल पाता था जितना की इस बीमारी के होने से पहले खुलता था.

               सन 2013 में मेने देखा की मेरे जीभ के दांयी तरफ एक बड़ा सा फोड़ा हो गया था उस वक़्त मेने सोचा की दांतों से कट गया होगा जिसकी वजह से फोड़ा हुआ है और कुछ दिनों में सही हो जायेगा  मगर ये सही नही हुआ अतः अक्टूबर महीने में मैंने विशला के डॉक्टर से बात की और इस समस्या के बारे में बताया तो उन्होंने मुझे स्टेमिन नाम की गोली दिन में एक बार एक सप्ताह तक लेने की सलाह दी. मैंने उनके कहे अनुसार दवाई ली मगर कोई फर्क या सुधार नही आया. अतः मेने डॉक्टर से फिर से बात की तो उन्होंने मुझे बीकानेर आने को कहा.

               अक्टूबर 2013 के अंतिम सप्ताह को मैं बीकानेर आया और डॉक्टर से मिला तो उन्होंने मेरी जीभ का परिक्षण किया तथा मेरे कुछ ब्लड टेस्ट कराये. रिपोर्ट्स देखने के बाद उन्होंने मुझे डा.थानकी टमकेन कैप्सूल दिए और इसे 4 कैप्सूल के हिसाब से दिन में 3 बार लेने की कहा और मेरे शरीर के वजन के हिसाब से साथ में कचनार गूगल की भी गोली 4 कैप्सूल के हिसाब से दिन में 3 बार लेने की कहा और ये दवाइयां 30 दिनों तक लेने को कहा. शुरू में डॉक्टर ने मुझे बताया की टमकेन कैप्सूल वमनकारी है अतः किसी भी प्रकार के कुअसर को रोकने हेतु हर बार टमकेन कैप्सूल लेने से पहले Ondec 8mg लेने को कहा और मेने ऐसा ही किया.

               इस इलाज के दौरान शुरू शुरू में मेरा अनुभव ऐसा रहा की, पहले दिन मुझे कभी दस्त लगना और कभी कब्ज होने की समस्या होने लगी थी पर जेसा की मैं इस बीमारी से पीछा छुड़ाना चाहता था तो मैंने दवाई बंद नहीं की और कब्ज हेतु होमियोपैथी की दवाई साथ में लेने लगा परन्तु ये दवाई कुछ ज्यादा असरकारक साबित नही हुई इसलिए मेने होमियोपैथी की दवाई बंद कर दी. फिर दो दिन बाद मेरा रक्तचाप बढ़ गया और और सर दर्द करने लगा और कुछ असुविधाजनक महसूस होने लगा. जैसा की मैं पहले बता चूका हूँ की मुंह नही खुलने की वजह से मैं अच्छी तरह खाना नही खा पाता था और उपर से ये दवाइयां ले रहा था जिसकी वजह से थोड़ी समस्या होने लगी थी. इसके कुछ दिनों बाद मुझे दवाई लेने में परेशानी होने लगी थी क्यूंकि मेरा गला अंदर से जलने लगा था और पानी पिने या दवाई लेने में मुश्किल होने लगी थी मगर फिर भी मैं दवाई लेता रहा और लगभग 20 दिनों के बाद मुझे इसकी आदत सी हो गयी थी.

               30 दिनों के बाद मेने पाया की फोड़ा लगभग 80 प्रतिशत सही हो गया था और दर्द भी कम हो गया था. फिर मैंने 15 दिन तक कोई दवाई नही ली.फिर उसके बाद वही दवाइयां फिर से 1 महीने के लिए लेना शुरू कर दिया और इस बार 1 महीने बाद लगभग 90 प्रतिशत सुधार हुआ और काफी आराम मिला मगर अभी भी मैं चटपटा या तेज मसाले का खाना नही खा सकता था और मुझे फाइब्रोसिस में भी कुछ ज्यादा सुधार नही दिखा. अतः पिछले 40 दिनों दिनों से मेने किसी भी प्रकार की दवाई नही ली और सामान्य जीवन जीने लगा.

               2013 में मुझे घुटने में दर्द शुरू हो गया था जो की मुझे जाँच करवाने पर पता चला. मुझे दर्द बहुत ज्यादा था. मुझे लगा की ये दर्द टमकेन कैप्सूल की वजह से हुआ है.

               फिर मेने पाया की मेरी जीभ पर फिर से कुछ छोटे छोटे फोड़े हो गये है तो मेने विशला के डॉक्टर को कॉल करके इस समस्या के बारे में बताया तो उन्होंने मुझे कुछ खून की जाँच करवाने को कहा और मेने उनके कहे अनुसार सारी जांचे करवाकर उनको ई-मेल के जरिये भेज दी. रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टर ने फिर से मुझे वही दवाई 45 दिनों तक लेने को कहा ये बात 15 मार्च 2014 की है. अतः मेने डॉक्टर के कहे अनुसार फिर से दवाइयां चालू कर दी और साथ में Zyloric 300mg भी चालू कर दी.

               45 दिनों के बाद अर्थात 7 जुलाई को कमीने अपनी साडी जांचे करवाई और पाया की जाँच में सब कुछ सामान्य व् ठीक था लेकिन अब भी जीभ पर हल्के से निशान है.

बिहारी लाल पोद्दार

 

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Sajani Devi-63 Years-Liver cancer…..

Name:- Sajani Devi                Age:- 63 Years(2016)               Add:- Faloudi ( Jodhpur)

 

Disease Description:-

 

Treatment Given:-

Dr.Thanki’s Tumcan Capsule:- 3cap x 2 times a day and 2 cap in evening.

 

Patient Review

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Rajesh Kumar Gupta-36 Years- Mouth Cancer…..

Name:- Rajesh Kumar Gupta             Age:- 35 Years              Add:- Delhi-31

 

Disease Description :- Tongue Oral Cancer Patient-Mouth Very Pess Opening Due to Fibrosis with Mild Increased Echo-texture of Liver-Less Plate Count-Less Hb-High TLC High ESR

 

Treatment Given:- 

 

 

1. Dr.Thanki’s Lever Care :- 3/4 spoon x 2 times a day with one cup water 

2. Trio Herbal Extract :- 1 vial x 1 times a day with 500ml water.

3. Strictly Follow Diet Chart.

 

 

 

Patient Review

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Bhanwar Lal Sarda-Matastatis Cancer

Name:- Bhanwar Lal Sarda         Age:- 72 Years        Add:- Mumbai

 

Disease Description:-

 

Treatment Given:-

 

Patient Review