मूत्रविकारों एंव प्रोस्टेट ग्रंथि में लाभदायक।

  • 01-09-2018
  • Raj Kumar Kochar
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1 मूत्र सम्बंधी विकारो (जैसे पेशाब बार बार आना, पेशाब कम उतारना,पेशाब करते समय दर्द व जलन होना,रात्रि में बार बार पेशाब आना) को दूर करता है।2. जिस व्यक्ति की प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ी हुई है ऐसे व्यक्ति को नीचे लिखे जड़ी बूटियों के मिश्रण का सेवन से प्रोस्टेट संबंधी तकलीफो में सम्पूर्ण आराम मिलता है।3. जिन व्यक्तियो को 2 से ढाई महीने के अंतराल पर ड्रिलिंग करवानी पड़ती है उन को इन जड़ी बूटियों के मिश्रण से पूर्णतया आराम मिल जाता है और ड्रिलिंग की आवश्यकता नही पड़ती।4. यौन दुर्बलता कमजोरी एंव वीर्यदोषो में भी लाभ मिलता है। मनुष्य के शरीर मे इसकी उपयोगिता प्रजनन करने में अहम है। ये ग्रंथि वो है जो मानव शरीर मे वीर्य को मूत्र में मिलने से रोकने का कार्य करती है।यदि ये ग्रंथि न होती तो मनुष्य संतान पैदा ही नही कर पाता। जब मनुष्य संभोगरत होता है तो इस ग्रंथि से एक स्राव निकलता है जो लिंग में फैलकर उसमे बचे हुए मूत्र को अवसोशित कर शीथी लिकरण का कार्य करता है ताकि उस रास्ते से जब वीर्य का स्खलन हो तो वीर्य में स्तिथ शुक्राणु नष्ट न होने पाए। ये हमारे शरीर का बहु-उपयोगी ग्रंथि है।इस ग्रंथि से सूजन से बढ़ना आदि लक्षण हो तो मनुस्घ्य के पेशाब की थैली से निकला हुआ पेशाब आसानी से नही निकल पाता।जिसके परिणाम स्वरूप मनुस्घ्य को कई प्रकार की व्याधियों से जूझना पड़ता है इन जड़ी बूटियों के मिश्रण से प्रोस्टेट ग्रंथि की सूजन कम हो जाती है फलस्वरूप मनुस्घ्य को मूत्र संबंधी व्याधियां दूर हो जाती है। घटक- सफेद मूसली,कौंचबीज,अश्वगंधा,शतावर,लाजवंती बीज,दूर्वा,इछु मूल ,एरंडमूल,गोरखमुंडी पथ्य-हल्का भोजन,दूध,फल अपथ्य-शराब,तम्बाकू,अधिक दाले,पनीर,खोवा ये जड़ी बूटियां आसानी से बाजार में उपलब्ध है आप इनको लेकर मिक्सी में पिसे फिर कपड़े से छानकर उसको एयरटाइट डिब्बे में रखे। मात्रा- 1 चमच सुबह शाम हथेली पर रखकर चाटे ओर पानी से गिट्टे 7 दिन बाद सुखद परिणाम मिलने शुरू हो जाएंगे। यदि आपको ये घटक बाजार में न मिले तो आप हमारे डॉ राज कुमार कोचर से संपर्क कर सकते है वो आपको तैयार किया हुआ भेज देंगे। हमारे डॉ का मोबाइल नंबर +91-9352950999 है। सुबह 11 से सात बजे तक संपर्क कर सकते है।