दमा व खांसी में गारण्टी के साथ काम करेगा ये नुखा

दमा व खांसी में गारण्टी के साथ काम करेगा ये नुखा

  • 19-03-2019
  • उपयोगी : -  1 . जिन रोगियों को
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उपयोगी : - 
1 . जिन रोगियों को श्वास फूलना दम का बार - बार उठना , खांसी ( बलगम सहित व रहित ) मौसम बदलते ही श्वसन का संक्रमण होना , एलर्जी , आखों के आगे अंधेरा श्वास लेने पर पसलियों में दर्द । इन रोगों में अत्यंत उपयोगी । 
2. जो रोगी प्रतिदिन ऑक्सीजन , नेबूलाईजर या पम्प ( Steroid ) लेते हैं उन रोगियों को पाउडर के नियमित सेवन से उपरोक्त सभी से छुटकारा मिलता है । जिन रोगियों के फेफड़े कमजोर हो तथा दमे की शिकायत है उनको इस पाउडर के नियमित सेवन से अत्यंत लाभ मिलता है । 
4. जिन रोगियों के फेफड़े पुराने निमोनिया की वजह से कमजोर हो गये हों , इस दवा के नियमित सेवन से फेफड़े सक्रिय हो जाते हैं । 
मात्रा : - एक - एक चम्मच सुबह शाम भोजन के बाद गुनगुने पानी या चिकित्सक के निर्देशानुसार ।
 पथ्य : हल्का सुपाच्य भोजन ।
 अपथ्य - दही , केला , अचार , गुड़ अधिक मात्रा में तेल - मसालों युक्त भोजन । 

    ये पाउडर ऐसे द्रव्यों से बनाया हुआ है जो आयुर्वेद के सबसे बेहतरीन घटक हैं । 
इसमें किसी भी प्रकार के अस्थमा के रोगी को आराम पहुँचाने की क्षमता है इस पाउडर में एक विशेष जड़ी बूटी उचित मात्रा में मिलाई गई है जिसे जूफा कहते हैं । 
जुफा अफले सारे शरीर से कफ को एकत्रित कर मल द्वारा निष्काषित करने में सक्षम है ।
 इस पाउडर का 6 चम्मच 200 ग्राम पानी में उबाले जब 100 ग्राम पानी बचे तब इसे छानकर बोतल में भरकर रखे ये सर्वश्रेष्ठ कफ सीरप का कार्य करेगा । 
छोटे बच्चों के सीने में कफ अधिकता हो या बार - बार निमोनिया की शिकायत हो ऐसे बच्चों को चौथाई चम्मच पाउडर शहद मिलाकर चटावें तुरन्त आराम आ जाएगा।

विशेष : - बच्चे के शरीर से ये दवा कफ को मल हार से निकाल देगी । 
मात्रा : - निमोनिया हुए बच्चों को ये पाउडर चौथाई चम्मच दिन में चार बार शरद में मिलाकर चटाये ।
 यदि दमा का रोगी इनहेलर पम्प या कोई अन्य Steriod लेता है तो कुछ सालों पश्चात् उसके शरीर की हड्डियां गलने लग जाती है ।
 ऐसे रोगी को ये पाउडर शुबह शाम एक – एक चम्मच शहद या गुनगुने पानी से देंवें तथा एक सप्ताह पश्चात इनहेलर या Steroid बन्द कर सकते हैं । पूर्णतया दमा नियंत्रण में आ जाता है । ( परीक्षित है )

 कुछ बच्चे जिनको बहुत ही छोटी उम्र में दमे की बीमारी हो जाती है तथा उनको भी गोलिया , इनहेलर या Steroid का सहारा लेना पडता है ऐसे रोगियों को सात दिन तक ये पाउडर 3 / 4 चम्मच दिन में तीन बार शहद में मिलाकर देंवें । 
सात दिन पश्चात अन्य दवाइयां , इनहेलर बन्द कर देवे तथा ये दवा निरन्तर 70 दिनों तक देंवे फिर ये दवा बन्द कर देंवे तथा देखे कि कितने दिनों तक उस रोगी को वापिस दमा का अटैक नहीं । आया ।
 वापिस अटेक आने पर पुनः 70 दिनों का कोर्स देवे । धीरे - धीरे रोगी के दमा । वापिस उठने के दिनों में बढोतरी होने लगेगी और कालान्तर में रोगी इस बीमारी से मुक्त हो जाएगा । ( परीक्षित हैं )

 ये पाउडर कफ , सर्दी , जुकाम , नजला आदि में भी विशेष उपयोगी है । ( परीक्षित है ) काफी पुरानी खासी ( सूखी या गीली ) में भी इस दवा के तीन दिनों तक निरन्तर सेवन से राहत मिलती है 

घटक:- कंटकारी, अडूसा, भारंगी, सोमलता, हल्दी, तुलसी, सौंठ, यष्टिमधु, अजवायन, जफ़ा।

बनाने की विधि :- ये सभी घटक बाजार में पंसारी की दूकान पर मिल जाएंगे। आप इनको लेकर मिक्सी में पीसकर कम से कम आधे घण्टे तक मिला कर किसी मलमल के कपड़े से छाने... छने हुए पाउडर को कांच के भांड में रखें , इसमे से पोन चमच सुबह- पोन चमच शाम को पानी मे भिगोकर लेवें।
यदि किसी कारणवश आप को ये जड़ीबूटियां उपलब्ध नही हो रही है या घर पर बनाने का साधन नही बेठ रहा है तो आप हमारे Dr. Rajkumar Kochar से सम्पर्क करें...जो आपको उचित मूल्य में उपलब्ध करवा देंगे...।

Mobile no. 9352950999, 7014031506